रामायण के बाद विभीषण का क्या हुआ?
दोस्तों, रामायण के बारे में वैसे तो दुनिया बहुत कुछ जानती है। सभी लोगों को यह पता है कि "घर का भेदी लंका ढाए", लेकिन इस कहावत की गहराई बहुत कम लोग समझते हैं। विभीषण जी के कुल का नाश किसी बुराई के लिए नहीं, बल्कि इस ब्रह्मांड में एक अच्छाई की स्थापना के लिए हुआ था। उस घोर अंधकार में केवल विभीषण जी ही ऐसे थे, जो हमेशा, हर कदम पर, निडरता से सच्चाई और भगवान श्रीराम के साथ खड़े रहे। लेकिन आज का हमारा विषय कुछ ऐसा है जो बहुत ही कम लोग जानते हैं। आज की इस महा-डॉक्युमेंट्री में हम यह जानेंगे कि लंकापति विभीषण जी आज, इस कलियुग में, कहाँ रहते हैं? वाल्मीकि रामायण, महाभारत, श्रीमद्भागवत महापुराण और गर्ग संहिता जैसे महान ग्रंथों के अकाट्य प्रमाणों और एक अत्यंत दुर्लभ लोककथा को जोड़कर आज हम इस रहस्य से पर्दा उठाएंगे। कुर्सी की पेटी बांध लीजिए दोस्तों, क्योंकि यह डॉक्युमेंट्री आपको समय के उस पार ले जाने वाली है। चलिए, शुरू करते हैं। दोस्तों, इस रहस्य की शुरुआत होती है त्रेता युग से। रामायण की कथा तो आप लोग जानते हैं कि जब रावण ने माता सीता का हरण कर लिया था, तब उन्हें अशोक वाटिका में रखा गया...