यादव कौन हैं? क्षत्रिय, वैश्य या अहीर | श्रीकृष्ण के वंश का सबसे बड़ा रहस्य
यादव कौन थे? क्षत्रिय, वैश्य या फिर कोई और? क्या वास्तव में आज के अहीर ही प्राचीन यादवों के वंशज हैं? और यदि गांधारी के श्राप से यादव वंश समाप्त हो गया था, तो फिर आज लाखों-करोड़ों यादव कैसे मौजूद हैं? आखिर मनुस्मृति में यादवों और आभीरों के बारे में क्या कहा गया है? और क्या भगवान श्रीकृष्ण का वंश सचमुच नष्ट हो गया था या फिर वह आज भी किसी रूप में जीवित है? इन सभी रहस्यमयी प्रश्नों का उत्तर आपको इस पौराणिक विश्लेषण में मिलेगा। यह कथा विष्णु पुराण, श्रीमद्भागवत महापुराण, हरिवंश पुराण और मनुस्मृति जैसे प्राचीन ग्रंथों के गहन अध्ययन और शोध पर आधारित है। इसलिए इस पूरी कथा को अंत तक अवश्य सुनिएगा क्योंकि इसमें केवल वंशावली ही नहीं, बल्कि ऐसे संबंधों और घटनाओं का भी वर्णन आएगा जिन्होंने भारत के पौराणिक इतिहास की दिशा बदल दी। पुराणों में दो महान क्षत्रिय वंश बताए गए हैं—सूर्यवंश और चंद्रवंश। यादवों का संबंध चंद्रवंश से माना जाता है। इस चंद्रवंश की शुरुआत होती है चंद्रदेव से। चंद्रदेव महर्षि अत्रि के पुत्र थे और महर्षि अत्रि स्वयं ब्रह्मा जी के मानस पुत्र माने जाते हैं। इस प्रकार देखा जाए तो चंद्...