सनातन धर्म में 14 लोकों का रहस्य
शून्य... एक ऐसी अवस्था जहां ना समय था, ना स्थान। और फिर एक कंपन हुआ—'एकोऽहं बहुस्याम'। मैं एक हूँ, अनेक हो जाऊं। और जन्म हुआ इस अनंत ब्रह्मांड का। दोस्तों, सनातन धर्म में आपने अक्सर 'लोकों' के विषय में सुना होगा। कथाओं में देवलोक का जिक्र आता है, शिवजी को 'त्रिलोकीनाथ' कहा जाता है, और हम जिस धरती पर हैं, उसे भूलोक या मृत्युलोक कहा जाता है। बचपन से हम इन शब्दों को सुनते आ रहे हैं। लेकिन क्या ये 14 लोक केवल हमारी पौराणिक कथाओं की फैंटेसी (Fantasy) हैं? या फिर इनके पीछे कोई ऐसा गहरा क्वांटम विज्ञान छिपा है जिसे आज की मॉडर्न फिजिक्स अब जाकर डिकोड कर रही है? नमस्ते दोस्तों! 'अध्यात्म गुरु की दुनिया' के इस विशेष महा-एपिसोड में आपका स्वागत है। मैं यहाँ कोई होस्ट नहीं, बल्कि हमेशा की तरह आपका 'दोस्त', धर्मेन्द्र, आपके साथ हूँ। आज हम मॉडर्न फिजिक्स में 'थ्योरी ऑफ एवरीथिंग' (Theory of Everything) की बात करते हैं। अल्बर्ट आइंस्टीन ने अपना पूरा जीवन एक ऐसे फॉर्मूले की तलाश में लगा दिया जो ब्रह्मांड के हर कण, हर फोर्स को एक साथ समझा सके। इसी खोज में ज...