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पद्मनाभ स्वामी

कल्पना की उड़ान भरिए और जरा सोचिए... आज के इस आधुनिक युग में जहाँ लेज़र तकनीक है, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस है, और बड़ी से बड़ी तिजोरियों को भेदने वाली रोबोटिक मशीनें हैं; वहां क्या कोई ऐसा दरवाजा हो सकता है जो सदियों से इंसान की हर तरकीब को मुंह चिढ़ा रहा हो? एक ऐसा द्वार, जिसके निर्माण में ना तो किसी लोहे की कुंडी का इस्तेमाल हुआ है, ना कोई पारंपरिक ताला लटका है, और ना ही चाबी लगाने का कोई सुराख है। फिर भी, यह रहस्यमई दरवाजा कई शताब्दियों से एक अभेद्य दीवार बनकर खड़ा है। हम बात कर रहे हैं भारत के सबसे अमीर, सबसे प्राचीन और सबसे रहस्यमई स्थान—**श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर** के उस सातवें तहखाने की, जिसे दुनिया आज 'वॉल्ट बी' (Vault B) या 'चेंबर बी' के नाम से जानती है। इस लोहे के भारी-भरकम दरवाजे पर कोई चेतावनी नहीं लिखी है, बस दो बेहद खूंखार और विशालकाय नागों की आकृतियां उकेरी गई हैं, जो मौन रहकर भी यह चीख-चीख कर कह रही हैं कि 'इसके भीतर कदम रखने वाले की मौत निश्चित है।' सबसे ज्यादा रोंगटे खड़े कर देने वाली बात तो यह है कि साल 2011 में जब सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेश पर ...

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