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आखिर कौन हैं 17 चिरंजीवी

17 चिरंजीवी जो आज भी इस धरती पर निवास करते हैं तो आखिर कौन हैं वो 17 चिरंजीवी। आज हम समय की परतों को खोलकर एक ऐसा रहस्य आपके सामने रखने जा रहे हैं, जिसे सुनकर शायद आपको अपनी ही वास्तविकता पर संदेह होने लगे। जरा सोचिए, क्या यह संभव है कि जो धरती आज से हजारों-लाखों साल पहले थी, जिन योद्धाओं ने त्रेता और द्वापर युग में युद्ध लड़े, वे आज भी हमारे बीच, इसी कलयुग के शोर-शराबे से दूर, किसी एकांत में सांस ले रहे हों? पद्म पुराण का एक प्रसिद्ध श्लोक है: *"अश्वत्थामा बलिर्व्यासो हनुमांश्च विभीषण:। कृप: परशुरामश्च सप्तैते चिरंजीविन:॥"* आमतौर पर यह माना जाता है कि सनातन धर्म में केवल सात चिरंजीवी (अमर) हैं। लेकिन आज हम आपको जो कथा सुनाने जा रहे हैं, वह इस अधूरे सच को पूरा करेगी। हमारे वेदों, पुराणों और महाकाव्यों के गहरे अध्ययन से यह साक्ष्य मिलते हैं कि सात नहीं, बल्कि **17 चिरंजीवी हैं जो आज भी इस धरती पर निवास करते हैं। ये वे महान आत्माएं हैं जो देव अंश या मनुष्य रूप में पैदा हुईं, जिन्हें या तो उनके महान कर्मों के लिए अमरता का वरदान मिला, या फिर उनके किसी भयंकर पाप के लिए युगों-युगों ...

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