क्या होगा? अगर मैं आपसे कहूं कि एक ऐसा ऋषि, जो सृष्टि के प्रारंभ में ब्रह्मा जी के मन से जन्मा, अनंत काल से जीवित रहता है, अनंत युग देखता है, और राम से लेकर कृष्ण तक के अवतारों का गुरु बनता है? क्या होगा अगर उसका जीवन इतना शुद्ध और दिव्य हो कि वह समय के चक्र से परे हो जाए, और आज भी अनंत में जीवित हो? क्या होगा अगर उसका इतिहास इतना रहस्यमयी हो कि पुराणों और महाकाव्यों में उसे चिरंजीवी (अमर) बताया गया हो, और उसका नाम आज भी मंत्रों में जपा जाता हो? सुनने में किसी अनंत काल की साइंस फिक्शन-आध्यात्मिक महाकाव्य की कहानी लगती है, है ना? जहाँ एक ऋषि अनंत समय के चक्र में घूमता रहता है, श्राप और वरदान से बंधा रहता है, और अंत में भगवान की भक्ति से मुक्ति पाता है। लेकिन यह सिर्फ कल्पना नहीं। **योगवासिष्ठ महारामायण**, **वाल्मीकि रामायण**, **महाभारत**, **श्रीमद्भागवत महापुराण** और अन्य पुराणों में एक ऐसी गहन, भावुक, आश्चर्यजनक और जीवन बदल देने वाली कथा छिपी है जो ठीक इसी सत्य को जीवंत कर देती है। यह कथा है **ऋषि वशिष्ठ का इतिहास** की – जन्म से लेकर अनंत काल तक का पूरा वृतांत। आज हम इस कथा को सभी...
क्या होगा? अगर मैं आपसे कहूं कि एक ऐसा योद्धा, एक ऐसा राजा, एक ऐसा भक्त जो सृष्टि के प्रारंभ में ब्रह्मा जी की एक साधारण छींक से जन्मा, अनंत काल से जीवित रहता है, अनंत युग देखता है, अनंत ब्रह्मांडों में घूमता है, और राम से लेकर कृष्ण तक की लीलाओं में भाग लेता है? क्या होगा अगर उसका जन्म ब्रह्मा जी की शक्ति से हुआ हो, उसके पिता ब्रह्मा जी हों, और एक श्राप ने उसे बूढ़ा बना दिया हो, लेकिन वरदान ने उसे अमर कर दिया हो? क्या होगा अगर उसकी पत्नी एक दिव्य अप्सरा हो, जिससे उसकी बेटी का जन्म हुआ हो – और वह बेटी इतनी सुंदर मानवी हो कि भगवान कृष्ण की पत्नी बन जाए? क्या होगा अगर उसका इतिहास इतना रहस्यमयी हो कि तमिल के महान कवि कम्बन ने अपनी रामायण में उसे विशेष स्थान दिया हो, और उसकी बेटी के जन्म का रहस्य दिव्य शक्ति में छिपा हो? सुनने में किसी अनंत काल की साइंस फिक्शन-महाकाव्य की कहानी लगती है, है ना? जहाँ एक रीछ राजा अनंत समय के चक्र में घूमता रहता है, श्राप और वरदान से बंधा रहता है, और अंत में भगवान की भक्ति से मुक्ति पाता है। लेकिन यह सिर्फ कल्पना नहीं। **वाल्मीकि रामायण** (किष्किंधा कांड और यु...